28 फ़रवरी 2010

१४- मधुबसंत की खिली यामिनी : शारदा मोंगा

मधुबसंत की खिली यामिनी
चुपके चुपके आ जाना
बासंती संसार बना है
तन मन पर तुम छा जाना
मेरे मन के वृन्दावन में
मुरली मधुर बजा जाना

कोकिल पंचम तान सुनाये
ऊंचे स्वर में विरहा गाए
यह कैसी अलसित मधुरिमा
तन मन पर ऐसी है छाये
मधुबसंत की बन चन्द्रिका
पिय मिलन की आस जगाये

नव नभ में छिटकी चन्द्रिका
लिए पलाश की नवल रक्तिमा
उपवन उपवन फूल पुष्पिका
हो सुवासित मधुर मधुरिमा
मेरे तन मन के मंदिर में
मधुर मधुर मुस्का जाना

यह कैसी अलसित मधुरिमा
तन मन पर ऐसी छाई
मेरे प्राण मंदिर में जैसे
बजे प्यार की शहनाई
मधुबसंत की बन चन्द्रिका
चुपके से तुम आ जाना

कलिके मधुघट से तुहिनकण
मधु पी भ्रमर मदमत्त हुआ
तुम भी प्रेम प्याला ला संग
कमल हस्त से पिला देना
मधु बसंत की खिली यामिनी
चुपके चुपके आ जाना

--
शारदा मोंगा

14 टिप्‍पणियां:

  1. आप ओर आप के परिवार को होली पर्व की हार्दिक शुभकामनाये और बधाई

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  2. आपको भी शुभकामनाये और बधाई

    धन्यवाद ।

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  3. सुन्दर रचना के लिए बहुत बहुत बधाई
    धन्यवाद
    विमल कुमार हेडा

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  4. कोकिल पंचम तान सुनाये
    ऊंचे स्वर में विरहा गाए
    यह कैसी अलसित मधुरिमा
    तन मन पर ऐसी है छाये
    मधुबसंत की बन चन्द्रिका
    पिय मिलन की आस जगाये


    सुंदर..

    होली की शुभ-कामनाएँ
    आपके साथ सभी को..

    सस्नेह
    गीता

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  5. "madhubasant ki khili yamini
    chupkke chupke a jana
    basanti sansar bana hai
    tan man par tum chha jana
    mere man ke vridavan me
    murli madhur baja jana"

    Shardaji beshak apka yeh geet ya yon kahen ki iske harek shabd tan man par chha gaye to atishyokti na hogi.ap aise hi hridaysparshi rachnaon se hame sarabore karati rahen yehi kamana hai
    mai aj hi amar shahido ki tapasthli PortBlair (Celluler Jail)ka darshn kar saparivar Dhanbad louta hun is lie der se holi ki badhaee de raha hun .mujhe vishvas hai ap ise anyatha nahin lengi
    Ek bar phir holi ki anant Shubh kamnao sahit
    ss mandal

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  6. मंडल साहब, बहुत बहुत धन्यवाद.

    अमर शहीदों की चिताओं पर
    लगेंगे हर बरस मेले,
    वतन पर मिटने वालों का
    यही बाकी निशां होगा...

    तुमको प्रणाम है,
    जिनका कि ज्ञात अथवा,
    अज्ञात नाम है
    तुमको प्रणाम है,

    उत्तर देंहटाएं
  7. मंडल साहब, बहुत बहुत धन्यवाद.


    अमर शहीदों की चिताओं पर
    लगेंगे हर बरस मेले,
    वतन पर मिटने वालों का
    यही बाकी निशां होगा...


    तुमको प्रणाम है!
    जिनका कि ज्ञात अथवा,
    अज्ञात नाम है
    तुमको प्रणाम है,

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  8. उत्तम रचना. नवगीत के लिए अपरिहार्य आंचलिक बिम्बों, प्रतीकों का प्रयोग हो सके तो अधिक प्रभावी होगी..

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  9. क्यों तुमने चुपके से आकर
    मेरा गीत सुनाया?
    तुम्हें मैं पूज रहा था!
    --
    मधुबसंत की खिली यामिनी
    चुपके-चुपके आ जाना!
    मेरे मन के वृंदावन में
    मुरली मधुर बजा जाना!
    --
    इन पंक्तियों ने मेरा मन जीत लिया!

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  10. "मधुबसंत की खिली यामिनी
    चुपके चुपके आ जाना "

    आदरणीया शारदा जी, पूरा गीत तो मधुर है ही लेकिन गीत की यह पँक्तियां पूरा गीत पढ़ने के लिये आकर्षित करती हैं । धन्यवाद ।
    शशि पाधा

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  11. शशि जी,
    मेरा एक और बासंती गीत यदि पुर्निमा जी दर्शायें-उसे भी आप अवश्य ही पढ़ेंगी.

    शुभं.

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  12. Shashiji,
    Thanks. You appreciated my geet, and I forgot to thank you. Sorry.
    Thanks a lot.
    With love.

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