24 अप्रैल 2011

२४. ताजा समाचार यह भाई

ताज़ा समाचार यह भाई,
प्रकृति आज जिद पर आई,

समुद्र देवता भये क्रुद्ध,
प्रकृति हुई ऐसी विरुद्ध,
भूचाल के लगे झटके,
फूं फूं शेषनाग सर पटके,
सुनामी महाकाली आई--
ताज़ा समाचार यह भाई,

भूमि थर थर रही कांपने,
कुपित समुद्र लगा हांफने,
परमाणु दानव ने हुंकारा
लगा सुनामी का फुंकारा
हजारों मानव चट कर गई
ताज़ा समाचार यह भाई,

सुनो समाचार घोटालों का,
स्वदेश को बेचने वालों का,
कलमाड़ी, हसन, ए.राजा,
देशको लूट के ही खा जा,
राजनीति पैसा हजम कर गई
ताज़ा समाचार यह भाई,

'ओनर किल्लिंग' की परम्परा,
बनी समाचारों की संपदा,
नहीं सुरक्षित सडक पर नारी,
महिलाओं को स्वतंत्रता भारी,
बाहर जायें तो मौत है आई,
ताज़ा समाचार यह भाई...

-शारदा मोंगा
(ऑकलैंड, न्यूजीलैंड)

4 टिप्‍पणियां:

  1. शारदा मोंगा जी ने इस रचना में सामाजिक सरोकारों को उठाया है। अच्छा होता अगर ये गीत में ढल पाते।

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  2. शारदा जी सामायिक सामाजिक विद्रूपताओं पर चोट करता यह गीत मन को छूता है किन्तु शिल्प की दृष्टि से कुछ और तराशे जाने की माँग करता है.

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  3. विमल कुमार हेड़ा।26 अप्रैल 2011 को 7:41 am

    वर्तमान की सामाजिक, एवं प्राकृतिक परिस्थितियों पर करारा प्रहार करता ये गीत अच्छा लगा। शारदा जी को बहुत बहुत बधाई,
    धन्यवाद।
    विमल कुमार हेड़ा।

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